मेरा नाम रोहन है और मैं दिल्ली में रहता हूँ। आज मैं एक कहानी के माध्यम से आपको अपनी पहली सेक्स घटना बताने जा रहा हूँ। ये Hot Girl Office Story करोना महामारी के दौरान हुई है। उस समय मैं पहली बार काम पर गया था। वह कोरोना काल था और मैं हॉस्पिटल में काम करता था। मेरे साथ अन्य लोग भी थे। तबस्सुम उनकी एक लड़की थी।
उस लड़की तबस्सुम का हुस्न इतना सुंदर था कि मैं बता नहीं सकता। वह सिर्फ पांच फुट की हाइट वाली थी, लेकिन उसके लंबे और दो रंगों में रंगे बाल एक चमत्कार सा दिखाते थे। उसकी चूचियों का आकार पके हुए संतरों की तरह था। हम सब ये काम नोएडा, उत्तर प्रदेश में कर रहे थे। हम एक दूसरे को देखते रहे।
पहली नजर में मुझे वह पसंद आई। मैं भी शायद उसे पसंद आया था। हमारी ड्यूटी ऐसे ही चलती रही, लेकिन हमारी शिफ्ट कभी चेंज नहीं हुई। इसलिए मैंने ऐसे ही अपने दिल की बात उससे कहने का निर्णय लिया। कुछ और दिन बीते। फिर एक दिन मैंने अपने दिल की बात उसे बताई।
हम दोनों पहले से ही हंसी-मजाक कर रहे थे। मैंने उससे अपना प्यार व्यक्त किया। तो उसने भी हाँ कहा। अब हमारा प्यारा चल पड़ा। मैं उसे हर अवसर पर पकड़कर किस करता था। वह भी मेरे साथ थी। हम दोनों एक दूसरे के साथ रहना बहुत पसंद करते थे। एक दूसरे के बिना हम दोनों नहीं रह पाएंगे ऐसा लगने लगा। हम दोनों को अभी तक सिर्फ चूमाचाटी करने और एक दूसरे को सहलाने के अलावा कुछ भी नहीं करने दिया गया था।
उस समय कोरोना वायरस की स्थिति थी, इसलिए हम दोनों को समय या जगह नहीं मिल रहा था कि अपनी प्यास बुझा सकें। फिर हमने देखा कि करोना के मामले कम होने लगे हैं। मैंने सोचा कि क्योंकि कल को कोरोना के मामले फिर से बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही थी, हमें सब कुछ अभी करना चाहिए। उधर, मेरा एक दोस्त, जो चौकीदार था, वह भी मेरे साथ था।
मैंने उसे पटाया और बीयर पिलाया। वह प्रसन्न हो गया। मैंने उससे कहा कि छत की चाबी मुझे दे दो क्योंकि कुछ काम है। अब मैं घर जा रहा हूँ, उसने कहा, चाबी देकर। चाभी रख ले फिर दे देना। मैंने “ओके” कहा और चाभी उठाई। तबस्सुम का काम अगले दिन था, इसलिए मैं अगले दिन का इंतजार करने लगा। मैंने उसे अपने घर पर फोन करके बताया कि मैं आज काम पर नहीं आ सकता था। मैं कल आऊंगा।
मैंने पहले ही तबस्सुम को बताया था कि बस छत पर आ जाना, जहां आज हम दोनों अपनी प्यास बुझाएंगे। वह खुद को चुदासी मान गई। फिर मैंने तिकड़म लगाकर उसको छत पर बने एक कमरे में ले गया। वहां जाकर मैंने उससे किस करने लगा। हमारे दोनों तरफ एक समान आग थी, इसलिए वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।
किस करते हुए हम भी एक दूसरे की जीभ चूस रहे थे। मैं भी उसके गांड को सहला रहा था और उसके बूब्स को दबा रहा था। कुछ ही देर बाद मैं उसके कपड़े उतारने लगा। वह पहले मना करने लगी, लेकिन मैं बोलने को तैयार हो गया। जैसे ही वह अपने कपड़ों की कैद से बाहर निकली। वह जन्नत की हूर लगने लगी।
उसकी चूचियों की नोकें ऐसी थीं मानो वे सांचे में ढली हुई हों। उसकी चूचियों पर एक बाल भी नहीं ढल गया था। उसकी चूचियों को देखकर मैं हैरान रह गया। उसकी सुंदर चूचियों को गुलाबी निप्पल मस्त झलका रहे थे। जब मुझसे रहा नहीं गया। तो मैं फिर से उसे किस करने लगा। कुछ देर तक वह मेरे साथ चुम्बन करती रही। फिर वह मुझसे अलग होकर कहा, “तुमने एक अजीब तरीके से मुझे नंगा कर दिया और खुद कपड़े पहने खड़े हो?
मैंने भी कहा, “तुम खुद को उतार दो, जान!” यह सुनते ही वह मेरे लिंग को देखने लगी। तुम्हारा तो बहुत बड़ा है,उसने मुझे देखकर कहा। यह कैसे प्रवेश करेगा? मैंने पूछा: क्या आपने पहले किसी का नहीं लिया? हां, लेकिन वह तुमसे बहुत छोटा था, उसने कहा। तुम्हारा लंड ढाई इंच मोटा है और सात इंच लम्बा है। क्योंकि उसका तुमसे आधा ही रहा होगा। तुम्हारा लंड किसी भी औरत को प्रसन्न कर देगा।
मैंने कहा, “अब इसे मुँह में लेकर प्यार करो, फिर देखो कि क्या होता है।” उसने मेरी बात सुनकर कुछ कहा तो नहीं, लेकिन मैं जानता था कि वह इसे हाथ में लेने से हिचक रही है। मैं इधर रहना नहीं चाहता था, तो मैं उसकी चूत में उंगली डालने लगा। मैंने महसूस किया कि ये कुतिया खेली खिलाई है और मेरी चूत में उंगली डालकर दिखाना चाहती है कि मेरा लौड़ा मोटा है।
तब भी मैंने सोचा कि ये डेली चुदाई करती है..। अब इसकी चूत पर नज़र डालो। उसकी चूत पर एक भी झांट का बाल नहीं था, जब मैंने ध्यान से देखा। उसकी चूत पूरी तरह से आलूबंडा थी। मेरे मुँह में पानी आ गया जब मैंने फूली सी चूत देखा। नीचे बैठकर मैं उसकी चूत चाटने लगा। वह मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी और आह आह करने लगी। उसकी चूत चाटने में एक अलग ही मज़ा आया।
मैं जीभ से चूत मालिश कर रहा था। वह भी उत्तेजित होने लगी। उसकी उत्तेजित आवाज, “आह आह आह… बस अब और नहीं,” मुझे उत्तेजित करती थी। मैंने कहा कि तुम भी मेरा चूस दो। इस बार उसने मना नहीं किया, बल्कि लौड़े को अपने मुँह में भर लिया। दोस्तो, मैं सच कहता हूँ कि लौड़े को चुसवाने में इतना मजा आ रहा था कि मैं शब्दों में नहीं कह सकता। मुझसे भी अब अब रहा नहीं जा रहा था।
मैंने उसके एक गोल और सेब के जैसे सख्त चूचे को मुँह में लेकर चूसा। चूचियों को चुसाई करना बहुत अच्छा लगा। अब मेरे लिए बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया है। तुम तैयार हो? मैंने कंडोम निकालकर पूछा। हां, मैं तैयार हूँ, उसने कहा, कंडोम देखते हुए। लेकिन मुझे इसके बिना करना है। इसमें मुझे मज़ा नहीं आता। उसकी यह बात सुनकर मेरी खुशी और बढ़ी।
अब जब उसकी चूत से पानी निकल चुका था, तो चुदाई भी बहुत देर तक मज़ा देने वाली थी। मैंने उससे एक बार फिर अपना लौड़ा चूसने के लिए कहा और अपना लौड़ा उसके मुँह में दिया। दो मिनट बाद, मैंने उसकी चूत पर लंड रखकर उसे अंदर डाला। उसने रोते हुए कहा, “आह अम्मी..।” मर गई..। फट गई मेरी..। निकाल दो, कृपया! मैंने लंड निकालने को कहा लेकिन उसने ऐसा नहीं किया।
मैं उसकी किस करते हुए उसे झटकता रहा। कुछ देर बाद वह भी अपनी गांड उठा उठा कर प्रतिक्रिया देने लगी। मैं उसको किस करता, उसके कान चूसता और कभी उसके दूध चूसता। मैंने सुना था कि लड़की की कान चूसने से बेचैन हो जाती है। मैंने ऐसा ही किया। उसकी चूत अच्छी तरह से कसी हुई थी, इसलिए मैंने सोचा था कि ये खेली खिलाई है। मैंने उससे कुछ देर तक मिशनरी पोज में चोदने के बाद एक अलग स्टाइल में करने के लिए कहा। वह राजी हुई। मैंने उसको घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चूत में लंड डाला।
मैं दे दनादन दर्द देने लगा। वह बार-बार चिल्लाती रही, लेकिन मैं नहीं रुका और उसका पानी फिर से निकल गया। मैं भी ऐसा करने वाला था, इसलिए मैंने उससे पूछा। उन्होंने कहा कि अंदर ही निकाल दो। मैं दो मिनट तक शॉट मारता रहा। फिर मेरा भी पानी निकल गया और मैं उसके ऊपर गिर गया। मैं उसको गले से लगाकर लेटा रहा था। फिर मैंने अलग होकर पूछा: आपको कैसा लगा? उसने मेरे सीने से चिपककर कहा, “मुझे पहले कभी इतना मज़ा नहीं आया।”
कुछ देर बाद मैं फिर से उत्साहित हो गया। मैंने उसकी पीठ पर हाथ फेरा। जनाब आपका क्या लक्ष्य है? मैं चाहता हूँ कि एक बार और हो जाए! तबस्सुम: क्यों नहीं? अब मैं सिर्फ आपकी हूँ। फिर मौका नहीं मिलता। हम एक बार फिर किस करने लगे और चुदाई करने के लिए तैयार हो गए। मैंने उसकी गोद में उठा कर उसे किस करने लगा। उसने अपनी चूत मेरे लंड पर सैट करने लगी और अपनी टांगें मेरी गांड से लपेटने लगी।
मैंने भी हाथ उसकी चूत में लंड डाल दिया। वह किसी बच्चे की तरह मुझसे चिपक गई जब लंड अंदर गया। मैं उसको उस पोज में बहुत देर तक नहीं रख पाया। मैंने अपनी पोजीशन बदल दी। अब मैंने उसकी टांग अपने कंधे पर रखकर उसकी चूत पर निशाना लगाते हुए उसको एक झटके में भर दिया। वह रोते हुए चिल्लाई, “अम्मी मर गई”। आराम से करो..। मैं कौन सा भाग रही हूँ? मैं उसको किस करता रहा और धक्के लगाता गया।
मैं उसके होंठों को चूसता, उसकी बगलों को चाटता या उसके चूचे चूसता। इस बार मैं उसकी चुदाई में पहले से ज्यादा मज़ा लिया। मैं भी लगातार धक्के मारता रहा और बीच-बीच में उसकी गांड में उंगली डालता रहा। वह ऐसा करने से नाराज हो जाती और विनती करती कि वहां मत करो। लेकिन मैं नहीं मानता था। मैं भी वहां उंगली करता रहा। मेरे और उसके बीच बहुत देर से चुदाई हुई।
वह बोली, “बस अब पानी आ रहा है।” मैंने भी कहा, “यह सिर्फ मेरा होने वाला है, डार्लिंग।” थोड़ी देर और खड़े रहो। एक मिनट बाद हम दोनों एक साथ गिर पड़े। हम दोनों ने अलग-अलग होकर कपड़े पहने। मैं पहले नीचे आया, फिर वह। कुछ पता नहीं चला। हम दोनों कुछ दिनों तक ऑफिस में एक ही हॉट गर्ल से मज़ा लेते रहे। वह अब दूर चली गई है।
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